जैसे-जैसे पुराने सिक्कों में रुचि बढ़ी है, वैसे-वैसे ऑनलाइन ठगी भी बढ़ी है। सोशल मीडिया और वेबसाइटों पर “लाखों में बिकने वाले सिक्के” के दावे आम हैं, और इनमें से अधिकांश जाल हैं।
इन जालों को पहचानना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
“लाखों में ख़रीदेंगे” वाला जाल
एक आम जाल यह है: कोई कहता है कि आपका आम सिक्का लाखों का है और वे उसे ख़रीदेंगे — पर पहले आपको “रजिस्ट्रेशन”, “कमीशन” या किसी फ़ीस के नाम पर पैसे देने होंगे। यह पैसा लेकर ठग ग़ायब हो जाते हैं।
याद रखें: असली ख़रीदार आपसे पहले पैसे नहीं माँगता।
नक़ली “दुर्लभ” सिक्के बेचना
दूसरा जाल उल्टा है: आपको “बहुत दुर्लभ” सिक्का सस्ते में बेचा जाता है, जो असल में आम या नक़ली होता है। बहुत अच्छी लगने वाली पेशकश अक्सर बहुत अच्छी होने के कारण ही झूठी होती है।
अनजान विक्रेता से जल्दबाज़ी में महँगी ख़रीद से बचें।
बचाव का सरल नियम
सरल नियम: पहले पैसे माँगने वाले पर भरोसा न करें, बड़े दावों की स्वतंत्र जाँच करें, और भरोसेमंद स्रोतों से ही लेन-देन करें। धैर्य और संदेह ही आपके सबसे अच्छे साथी हैं।
यह लेख सामान्य जागरूकता के लिए है।