सिक्का संग्रह में एक सत्य बार-बार दोहराया जाता है: दशा ही सब कुछ है। एक ही प्रकार का सिक्का, अगर घिसा हुआ है तो साधारण, और अगर बेहतरीन दशा में है तो कहीं अधिक मूल्यवान हो सकता है।
इसी दशा को व्यवस्थित रूप से आँकने की प्रक्रिया को ग्रेडिंग कहते हैं।
दशा को क्या घटाता है
घिसाव, ख़रोंच, गड्ढे, जंग और ग़लत सफ़ाई — ये सब किसी सिक्के की दशा और आकर्षण घटाते हैं। जितनी अधिक बारीक़ी सिक्के पर बची हो और जितना कम घिसाव हो, दशा उतनी ही बेहतर मानी जाती है।
इसलिए संग्राहक चमक से अधिक बारीक़ी और मूल सतह को महत्व देते हैं।
सफ़ाई की चेतावनी
नए संग्राहक अक्सर सोचते हैं कि सिक्के को चमकाने से उसकी क़ीमत बढ़ेगी — यह प्रायः उल्टा साबित होता है। ग़लत सफ़ाई मूल सतह को नुक़सान पहुँचाती है और अनुभवी संग्राहक ऐसे सिक्के से बचते हैं।
संदेह हो तो सिक्के को वैसा ही रहने दें, जैसा वह है।
ग्रेडिंग को समझदारी से देखें
ग्रेडिंग में कुछ हद तक राय शामिल होती है, इसलिए अलग-अलग लोग एक ही सिक्के को थोड़ा अलग आँक सकते हैं। बुनियादी समझ रखें, पर किसी महँगी ख़रीद-बिक्री में विशेषज्ञ की राय को महत्व दें।
यह लेख सामान्य जानकारी है, कोई निश्चित मूल्यांकन नहीं।